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जानिठसà¥à¤ªà¤°à¥à¤® से कैसे बनता है आपका पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ सा बेबी
कà¤à¥€ सोचा है गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ कैसे बनना शà¥à¤°à¥‚ होता है. उसका विकास कैसे होता है? सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और अंडे कहां से आते हैं? ये à¤à¤• दूसरे को कैसे ढूंढते हैं? फिर आपस में मिलकर नई जिंदगी की रचना कैसे करते हैं? ये सब जानने के लिठहमें पहले महिला और पà¥à¤°à¥à¤· के रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ अंगों के बारे में पता होना चाहिà¤. (सà¤à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚- सांकेतिक)
कौन सा रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ अंग, बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® में कैसे à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है. आइठजानते हैं, सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® किसके साथ मिलकर बनाता है आपका पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ सा बेबी. महिला के शरीर में रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ अंगों में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ (बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€), ओवरीज (अंडाशय), फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब, यूटरस, वजाइना शामिल हैं. पà¥à¤°à¥à¤· में मौजूद सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® वो सेल है जो बचà¥à¤šà¥‡ पैदा करने में मदद करता है. ये वीरà¥à¤¯à¤•ोष यानी टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ में बनते हैं.
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ गरà¥à¤ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में होती है. इसके दोनों तरफ ओवरी होती है और जो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है. ओवरी में दो छोटे अंडाकार अंग होते हैं. अंडाशय अंडों (डिंब) से à¤à¤°à¥‡ होते हैं, जो हर लड़की जनà¥à¤® से ही लेकर पैदा होती है. (सà¤à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚- सांकेतिक)
अंडे उसके शरीर के बाकी ऑरà¥à¤—न की तरह ही होते हैं, जब मां के गरà¥à¤ में फीमेल à¤à¥à¤°à¥‚ण बन रहा होता है तब à¤à¥à¤°à¥‚म के बाकी अंगो के विकास के साथ-साथ अंडे à¤à¥€ बनते हैं. जनन सालों में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अंडाशयों से शà¥à¤°à¥ होती है. बेबी बनने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤®, अंडे से मिलकर शà¥à¤°à¥‚ करता है.
लड़की के अंडाशय से हर महीने अंडे रिलीज होते हैं, जिसे ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन कहा जाता है. इसी तरह पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को परिपकà¥à¤µ होने में 72 दिन लगते हैं. इसके बाद परिपकà¥à¤µ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ बाहर निकलते हैं. अंडे तक पहà¥à¤‚चने के लिठसà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को तैरना होता है. (सà¤à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚- सांकेतिक)
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को यह दूरी तय करने में लगà¤à¤— 10 घंटे लगते हैं. फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में कोई डिंब इंतज़ार कर रहा होता है तो वह उसमें पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है और फिर यह निषेचित होता है. उसके बाद निषेचित डिंब, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से होते हà¥à¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पहà¥à¤‚चता है. तब à¤à¥à¤°à¥‚ण बनना शरू होता है.
निषेचित अंडा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पहà¥à¤‚चने के बाद बहà¥à¤¤ सारे सेलà¥à¤¸ में बंटता है. बॉलनà¥à¤®à¤¾ अंडे को blastocyst कहा जाता है. फिर ये बॉल पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ HCG (human chorionic gonadotropin) रिलीज करता है. ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ ओवरीज को और नठअंडे रिलीज न करने के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ देता है. ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के तीसरे हफà¥à¤¤à¥‡ तक पूरी होती है. जब ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ मां के बà¥à¤²à¤¡ और यूरीन में मिल जाता है, उसी के बाद बà¥à¤²à¤¡ या यूरीन टेसà¥à¤Ÿ से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी का पता चलता है. (सà¤à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚- सांकेतिक)
महिला में x-x कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤œà¤®à¥à¤¸ होते हैं. पà¥à¤°à¥à¤· में x-y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤œà¤®à¥à¤¸ होते हैं. यदि Y सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® अंडे को निषेचित करता है तो बेबी बॉय जनà¥à¤® लेता है. x सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® अंडे को निषेचित करता है तो बेबी गरà¥à¤² जनà¥à¤® लेती है.
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